॥ श्री नवनाग नाम स्तोत्र ॥
॥ Shri Navnag Naam Stotra ॥
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम् ।
शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ॥ १॥
एतानि नवनामानि नागानां च महात्मनाम् ।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः ॥ २॥
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ३॥
॥ इति श्री नवनाग नाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
सोमवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
19 Oct 2026 06:40:20 |
सूर्यास्त |
19 Oct 2026 17:50:18 |
चंद्रोदय |
19 Oct 2026 14:00:30 |
चंद्रस्थ |
20 Oct 2026 00:32:31 |
योग |
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धृति |
18 Oct 2026 23:55:39 से 20 Oct 2026 00:34:39 तक |
शूल |
20 Oct 2026 00:34:40 से 21 Oct 2026 00:49:32 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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