॥ श्री नवनाग नाम स्तोत्र ॥
॥ Shri Navnag Naam Stotra ॥
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम् ।
शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ॥ १॥
एतानि नवनामानि नागानां च महात्मनाम् ।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः ॥ २॥
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ३॥
॥ इति श्री नवनाग नाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
रविवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
09 Aug 2026 05:55:41 |
सूर्यास्त |
09 Aug 2026 19:16:01 |
चंद्रोदय |
09 Aug 2026 01:32:40 |
चंद्रस्थ |
09 Aug 2026 16:43:37 |
योग |
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हर्षण |
09 Aug 2026 05:37:50 से 10 Aug 2026 02:04:08 तक |
वज्र |
10 Aug 2026 02:04:09 से 10 Aug 2026 22:26:32 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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