॥ आरती श्री वैष्णो देवी ॥
॥ Aarti Shri Vashno Devi ॥
जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता।
हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥ १
शीश पे छत्र विराजे, मूरतिया प्यारी।
गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी॥ २ ॥
ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे।
सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे॥ ३ ॥
सुन्दर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे।
बार-बार देखन को, ऐ माँ मन चावे॥ ४ ॥
भवन पे झण्डे झूलें, घंटा ध्वनि बाजे।
ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे॥ ५ ॥
पान सुपारी ध्वजा नारियल, भेंट पुष्प मेवा।
दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा॥ ६ ॥
जो जन निश्चय करके, द्वार तेरे आवे।
उसकी इच्छा पूरण, माता हो जावे॥ ७ ॥
इतनी स्तुति निश-दिन, जो नर भी गावे।
कहते सेवक ध्यानू, सुख सम्पत्ति पावे॥ ८ ॥
॥ इति आरती श्री वैष्णो देवी सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
|
वार |
बुधवार |
नक्षत्र |
|
सूर्यौदय |
04 Feb 2026 07:25:47 |
सूर्यास्त |
04 Feb 2026 18:03:19 |
चंद्रोदय |
04 Feb 2026 20:46:19 |
चंद्रस्थ |
05 Feb 2026 09:14:18 |
योग |
|
अतिगण्ड |
04 Feb 2026 02:38:49 से 05 Feb 2026 01:04:19 तक |
सुकर्मा |
05 Feb 2026 01:04:20 से 06 Feb 2026 00:03:53 तक |
शुभ काल |
|
अमृत काल |
|
ब्रह्म मुहूर्त |
|
अशुभ काल |
|
राहू |
|
यम गण्ड |
|
कुलिक |
|
दुर्मुहूर्त |
|
वर्ज्यम् |
|