॥ आरती श्री सीता जी की ॥
॥ Aarti Shri Sita Ji Ki ॥
सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती।
संगहि सुशोभित लछुमन-राम सब मिलिकय करियनु आरती ॥
विपदा विनाशिनि सुखदा चराचर,सीता धिया बनि अयली सुनयना घर
मिथिला के महिमा महान…सब मिलिकय करियनु आरती ॥सीता बिराजथि..
सीता सर्वेश्वरि ममता सरोवर,बायाँ कमल कर दायाँ अभय वर
सौम्या सकल गुणधाम..सब मिलिकय करियनु आरती ॥ सीता बिराजथि..
रामप्रिया सर्वमंगल दायिनि,सीता सकल जगती दुःखहारिणि
करथिन सभक कल्याण..सब मिलिकय करियनु आरती ॥ सीता बिराजथि..
सीतारामक जोड़ी अतिभावन,नैहर सासुर कयलनि पावन
सेवक छथि हनुमान..सब मिलिकय करियनु आरती ॥सीता बिराजथि..
ममतामयी माता सीता पुनीता,संतन हेतु सीता सदिखन सुनीता
धरणी-सुता सबठाम..सब मिलिकय करियनु आरती ॥ सीता बिराजथि..
शुक्ल नवमी तिथि वैशाख मासे,’चंद्रमणि’ सीता उत्सव हुलासे
पायब सकल सुखधाम..सब मिलिकय करियनु आरती ॥
सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती ॥
॥ इति आरती श्री सीता जी सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
रविवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
22 Mar 2026 06:36:06 |
सूर्यास्त |
22 Mar 2026 18:39:12 |
चंद्रोदय |
22 Mar 2026 08:13:41 |
चंद्रस्थ |
22 Mar 2026 22:36:51 |
योग |
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वैधृति |
21 Mar 2026 19:00:54 से 22 Mar 2026 15:41:22 तक |
विष्कुम्भ |
22 Mar 2026 15:41:23 से 23 Mar 2026 12:21:48 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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