॥ आरती श्री कृष्ण जी की ॥
॥ Aarti Shri Krishan Ji Ki ॥
ॐ जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे ।
भक्तन के दुख टारे पल में दूर करे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी ।
जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
कर कंचन कटि कंचन श्रुति कुंड़ल माला ।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
दीन सुदामा तारे, दरिद्र दुख टारे ।
जग के फ़ंद छुड़ाए, भव सागर तारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
हिरण्यकश्यप संहारे नरहरि रुप धरे ।
पाहन से प्रभु प्रगटे जन के बीच पड़े ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
केशी कंस विदारे नर कूबेर तारे ।
दामोदर छवि सुन्दर भगतन रखवारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
काली नाग नथैया नटवर छवि सोहे ।
फ़न फ़न चढ़त ही नागन, नागन मन मोहे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
राज्य विभिषण थापे सीता शोक हरे ।
द्रुपद सुता पत राखी करुणा लाज भरे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
ॐ जय श्री कृष्ण हरे ॥
॥ इति आरती श्रीकृष्ण सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
शनिवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
08 Aug 2026 05:55:03 |
सूर्यास्त |
08 Aug 2026 19:16:56 |
चंद्रोदय |
08 Aug 2026 00:33:31 |
चंद्रस्थ |
08 Aug 2026 15:38:27 |
योग |
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ध्रुव |
07 Aug 2026 12:10:35 से 08 Aug 2026 09:01:39 तक |
व्याघात |
08 Aug 2026 09:01:40 से 09 Aug 2026 05:37:49 तक |
हर्षण |
09 Aug 2026 05:37:50 से 10 Aug 2026 02:04:08 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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