॥ आरती श्री कृष्ण जी की ॥
॥ Aarti Shri Krishan Ji Ki ॥
ॐ जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे ।
भक्तन के दुख टारे पल में दूर करे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी ।
जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
कर कंचन कटि कंचन श्रुति कुंड़ल माला ।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
दीन सुदामा तारे, दरिद्र दुख टारे ।
जग के फ़ंद छुड़ाए, भव सागर तारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
हिरण्यकश्यप संहारे नरहरि रुप धरे ।
पाहन से प्रभु प्रगटे जन के बीच पड़े ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
केशी कंस विदारे नर कूबेर तारे ।
दामोदर छवि सुन्दर भगतन रखवारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
काली नाग नथैया नटवर छवि सोहे ।
फ़न फ़न चढ़त ही नागन, नागन मन मोहे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
राज्य विभिषण थापे सीता शोक हरे ।
द्रुपद सुता पत राखी करुणा लाज भरे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
ॐ जय श्री कृष्ण हरे ॥
॥ इति आरती श्रीकृष्ण सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
रविवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
22 Mar 2026 06:36:06 |
सूर्यास्त |
22 Mar 2026 18:39:12 |
चंद्रोदय |
22 Mar 2026 08:13:41 |
चंद्रस्थ |
22 Mar 2026 22:36:51 |
योग |
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वैधृति |
21 Mar 2026 19:00:54 से 22 Mar 2026 15:41:22 तक |
विष्कुम्भ |
22 Mar 2026 15:41:23 से 23 Mar 2026 12:21:48 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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