॥ आरती देवी अन्नपूर्णा जी की ॥
॥ Aarti Devi Annapoorna Ji Ki ॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम ।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥ बारम्बार…
प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम ।
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥ बारम्बार…
चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम ।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम ॥ बारम्बार…
देवि देव! दयनीय दशा में दया-दया तब नाम ।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल शरण रूप तब धाम ॥ बारम्बार…
श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या श्री क्लीं कमला काम ।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम ॥ बारम्बार…
॥ इति आरती देवी अन्नपूर्णा सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
|
वार |
शनिवार |
नक्षत्र |
|
सूर्यौदय |
09 May 2026 05:42:42 |
सूर्यास्त |
09 May 2026 19:11:35 |
चंद्रोदय |
09 May 2026 00:55:54 |
चंद्रस्थ |
10 May 2026 12:29:36 |
योग |
|
शुक्ल |
09 May 2026 02:29:50 से 10 May 2026 02:35:28 तक |
ब्रह्म |
10 May 2026 02:35:29 से 11 May 2026 02:08:41 तक |
शुभ काल |
|
अभिजीत मुहूर्त |
|
अमृत काल |
|
ब्रह्म मुहूर्त |
|
अशुभ काल |
|
राहू |
|
यम गण्ड |
|
कुलिक |
|
दुर्मुहूर्त |
|
वर्ज्यम् |
|