॥ आरती अहोई माता की ॥
॥ Aarti Ahoi Mata Ki ॥
ज़य अहोई माता ज़य अहोई माता।
तुमको निसदिन ध्यावत हरि विष्णु धाता॥ १ ॥
ब्राहमणी रुद्राणी कमला तू हे है जग दाता।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता॥ २ ॥
माता रूप निरंजन सुख संपत्ती दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता॥ ३ ॥
तू हे है पाताल बसंती तू हे है सुख दाता।
कर्मा प्रभाव प्रकाशक जज्निदधि से त्राता॥ ४ ॥
जिस घर तारो वास वही में गुण आता।
कर ना सके सोई कर ले मन नहीं घबराता॥ ५ ॥
तुम बिन सुख ना होवय पुतरा ना कोई पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता॥ ६ ॥
सुभ गुण सुन्दर युक्ता शियर निदधि जाता।
रतन चतुर्दर्श तौकू कोई नहीं पाता॥ ७ ॥
श्री अहोई मा की आरती जो कोई गाता।
उर् उमंग अत्ती उपजय पाप उत्तर जाता॥ ८ ॥
॥ इति आरती अहोई माता सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
|
वार |
बुधवार |
नक्षत्र |
|
सूर्यौदय |
24 Jun 2026 05:31:00 |
सूर्यास्त |
24 Jun 2026 19:34:49 |
चंद्रोदय |
24 Jun 2026 14:51:49 |
चंद्रस्थ |
25 Jun 2026 01:43:18 |
योग |
|
परिघ |
23 Jun 2026 10:13:07 से 24 Jun 2026 10:22:46 तक |
शिव |
24 Jun 2026 10:22:47 से 25 Jun 2026 10:53:22 तक |
शुभ काल |
|
अमृत काल |
|
ब्रह्म मुहूर्त |
|
अशुभ काल |
|
राहू |
|
यम गण्ड |
|
कुलिक |
|
दुर्मुहूर्त |
|
वर्ज्यम् |
|